आप सभी महत्वपूर्ण हैं !



इंसान जिस प्रकार भौतिक सुख सुबिदाओ को अपने लिए महत्वपूर्ण मानता है उसी    प्रकार व्यक्ति के जीवन मै महत्वपूर्ण होने की भी प्रवल आकांक्षा होती है |
आप क्या चाहते है ? वैसे तो आप बहुत कुछ चाहते होंगे लेकिन कुछ चीजे ऐसी    होती है जिन्हें पाने की आपको प्रवल आकांक्षा होगी | कुछ ऐसी ही आकांक्षाओ की    सूची नीचे दी गई है जिन्हें पाने की आकांक्षा हर किसी को होती हैं |
      
       1.     स्वाश्थ्य और जीवन का संरक्षण
       2.     अच्छा भोजन
       3.     अच्छी नींद
       4.     परलोक सुधारना
       5.     बच्चो का कल्याण
       6.     पैसा और पैसे से खरीदी गई चीजें  
       7.     सेक्स की संतुष्टि
       8.     महत्व की भावना

और लगभग आपकी ये सभी आकांक्षाये पूरी हो जाती है शिवाये एक के और वह    आकांक्षा इतनी शक्तिशाली होती है जितनी की नींद और भोजन की आकांक्षा और    यह आकांक्षा शायद ही पूर्ण होती है जिसे फ्रौयड ने महत्वपूर्ण होने की आकांक्षा      कहा है |
           
         
लिंकन ने अपने एक पत्र में लिखा था, “हर एक को तारीफ अच्छी लगती है |” हर  एक मनुष्य के मन में एक लालसा छुपी रहती है कि उसे सराहा जाए |

 यह एक ऐसी मानवीय भूख है जो स्थायी है | और वह दुर्लभ व्यक्ति जो लोगो की       प्रशंसा की भूक को संतुष्ट करता है, लोगो को अपने वश में कर सकता है | लोग         उससे इतना प्रेम करेंगे कि दफ़नाने वाले तक उसकी मौत पर दुखी होंगे |

 महत्वपूर्ण बनने की इसी आकांक्षा के कारण आज एक चाय बेचने वाला हमारे देश का    प्रधानमंत्री बनकर बैठा है | आप सभी को उस चाय वाले का नाम याद दिलाने की     जरूरत शायद नही है वो चाय वाला और कोई नहीं हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र     सिंह मोदी जी है |

  कई विशेषज्ञों का मानना है कि महत्वपूर्ण होने का अहसास ही कई लोगो को पागल हो   जाने के लिए प्रेरित करता है | जो लोग पागल हो जाते हैं, वह पागलपन की अवस्था में   अपने आप को महत्वपूर्ण बना लेते हैं | वह खुद को वही महत्व देने लगते है जो उनको   असली दुनिया मै नही मिल पाता |

 पागलपन का क्या कारण हैं ?
 इस सवाल का ठीक - ठीक जवाब तो कई नहीं दे सकता, पर हम यह जरूर जानते हैं कि कुछ बीमारियाँ जैसे सिफिलिस मस्तिष्क कोशिकाओं को नष्ट कर देती हैं और इसका  परिणाम पागलपन होता है | दरअसल लगभग आधे मानसिक रोगों के पीछे शारीरिक   कारणों को जिम्मेदार समझा जा सकता है जैसे मानसिक आघात, अल्कोहल,मादक या   विषेले पदार्थ और दुर्घटनाए | पान्तु बाकि आधे और यह इस कहानी का सबसे भयाभय   हिस्सा है | - बाकी आधे – और पागल होने वाले लोगों की मष्तिष्क कोशिकाओं में कोई   शारीरिक गड़बड़ी नहीं होती | पोस्टमोर्टेम में जब मरने वालों के मष्तिष्क ऊतकों को   माइक्रोस्कोप से देखा गया तो वह उतने ही स्वस्थ दिख रहे थे जितने की आपके या मेरे |

        


 फिर ये लोग पागल क्यों होते हैं ?

 कुछ प्रमुख मनोचिकित्सालयों के प्रसिद्ध चिकित्सकों जो की अपने विषय के ज्ञान में बहुत सारे प्रशिद्ध पुरुस्कार प्राप्त कर चुके थे उनसे बात करने पर पता चला कि लोग पागल क्यों होते हैं | कोई भी इसका सही कारण नही जनता था | परन्तु उन्होंने या भी कहा जो लोग पागल हो जाते है उनमे से कई लोग ऐसे होते है जो पागलपन की स्थिति में महत्व का अनुभव करते है जो कि उन्हें असली दुनिया में नही मिला होता | एक प्रशिद्ध मनोचिकित्सक ने एक कहानी सुनाई |

 “मेरी एक मरीज है जिसकी शादी का दुखद अंत हुआ था | उसे प्रेम, शारीरिक संतुष्टि,   बच्चे और सामाजिक प्रतिष्ठा चाहिए थे, परन्तु जिन्दगी ने उसकी आशाओं पर पानी फेर   दिया | उसका पति उससे प्रेम नही करता था | वह उसके साथ बैठकर भोजन भी नही   करता था और उससे कहता था कि वह उसका भोजन उपरी मंजिल पर उसके कमरे में   परोसे | उसके कोई बच्चा भी नहीं था और न ही उसकी कोई सामाजिक प्रतिष्ठा थी | वह पागल हो गई और अपनी कल्पना में उसने अपने पति को तलाक दे दिया था और एक बार फिर अपने कुआरेपन का नाम रख लिया | और अब उसे विश्वाश है की वह एक अमीर आदमी की पत्नी बन गई है और वह इस बात पर जोर देती है कि उसे लेडी स्मिथ के नाम से बुलाया जाए |

 “और जहाँ तक बच्चो का सवाल है वह कल्पना करती है कि हर रत को वह एक नए   बच्चे को जन्म देती है | जब भी मैं उसे देखने जाता हूँ वह कहती है , ‘डॉक्टर, कल रात   को मेरे यहाँ एक बच्चे ने जन्म लिया है |’ ”
        

 उसके सपनो के जहाज हकीकत की चट्टानों से टकराकर चूर-चूर हो गए हैं, परंतु     पागलपन के काल्पनिक टापुओं पर बह अपने सपनों को सच कर रही है |
 क्या दुखद हैं, मैं नहीं जानता | वैसे उस डॉक्टर ने यह भी कहा, “अगर मैं उसका   पागलपन दूर करके एक बार फिर से उसको सोचने- समझने की शक्ति लौटा सकता, तो भी शायद मैं ऐसा नहीं करता | वह आज जितनी खुश है, उतनी खुश पहले कभी नही रही होगी |”

 अगर कई लोग महत्व की भावना के इतने भूखे हैं कि वे उसके लिए सच मै पागल हो   सकते हैं, तो जरा सोचिए कि मैं और आप अपने आस पास के लोगो को सच्ची प्रशंसा   देकर कितना कुछ हासिल कर सकते हैं | 

                                                                          




  




   

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