Posts

प्यार और पैसा

Image
धन – दौलत की चाह बैसे तो हर किसी के भीतर होती है लेकिन कई लोग इसके पीछे पागल रहते है ! मनोवैज्ञानिको ने इसका कारण ढूंढने की एक्सपेरिमेंटल सोशल साइकोलजी में प्रकाशित एक अध्यन में कहा है कि जिन लोगो के जीवन मै प्रेम की कमी होती है , उनमें भोतिक वस्तुयों के प्रति ज्यादा लगाव होता हैं ! लेकिन जिनकी जिन्दगी मै भरपूर प्यार होता है वे धन संपत्ति को ज्यादा महत्व नहीं देते दरअसल प्यार से बंचित लोग अपनी इस कमी की भरपाई रुपयों पैसो से करने की कोशिश करते हैं ! ये चीजें व्यक्ति को हेसियत और तागत देती है ! इसके कारण व्यक्ति समाज का ध्यान अपनी और आकर्षित करने मै कामियाव हो जाता है ! जिससे उसके अतृप्त मन को संतोष मिलता है अगर व्यक्ति को प्यार मिल जाये तो वह धन - दोलत के पीछे भागना छोड़ देगा ! वैसे देखा जाए तो भारतीय जन मानस के भीतर यह बात किसी न किसी रूप मै बैठी रही है | जिसकी अभिव्यक्ति कई स्तरों पर मिलती है सिनेमा को ही देखें हर दूसरी तीसरी फिल्मों की कहानी धन - दोलत बनाम मानवीय रिश्तो के इर्द - गिर्द ही घूमती है जब अमीर नायक को किसी गरीब लड़की से प्यार हो जाता है तो वह उसके लिए ऐसो - आराम की जिन्दगी ...

ऊंच नीच का तराजू

Image
  यह घटना है मध्य प्रदेश के मुरैना जिला के ग्राम घड़ी की जब एक अनुसूचित जाति (कोरी) समाज में एक महिला का देहांत हो जाता है| और जब उसके परिजन उसे महिला के पार्थिव शरीर को हिन्दू धर्म के अनुसार जलाने के लिए ले जाया जाता है| तो कथित ऊँची जात बालों ने उस महिला को सरकारी शमशान में जलाने से रोक दिया और बहा से जाने को कहा ऐसा इसलिए किया गया की वह एक गरीव (अछूत)  परिवार  के लोग थे! और उनके वहा उस महिला को जलाने से कथित ऊँची जात वालो का समशान भी अपवित्र हो जाता वाह रे इंसान खेर इसकी शिकायत पुलिस सहायता केंद्र 181 पर भी की गई ! इस बात की सिकायत के बाद भी आखिरकार उस गरीव को अपनी पत्नी को अपने घर के ही सामने मुखाग्नि देनी पड़ी इससे ज्यादा हमारे समाज और हमारे प्रशासन के लिए शर्म की बात क्या होगी! कि एक मृत इंसान को भी उसके उचित स्थान पर जलाने से कुछ दबंगों द्वारा रोका जाता है और हमारा समाज और प्रशासन बस देखता रहता है | दोस्तों मै चाहता हूँ कि अगर आप कभी अपने आस पास ऐसा होता देखे तो उसका खुल कर ब्रोध करें और अपने कमजोर और असहाय साथियों के साथ खड़े हो ताकि ऐसा फिर किसी भी गरीव परिवार के सा...

आप सभी महत्वपूर्ण हैं !

Image
इंसान जिस प्रकार भौतिक सुख सुबिदाओ को अपने लिए महत्वपूर्ण मानता है उसी    प्रकार व्यक्ति के जीवन मै महत्वपूर्ण होने की भी प्रवल आकांक्षा होती है | आप क्या चाहते है ? वैसे तो आप बहुत कुछ चाहते होंगे लेकिन कुछ चीजे ऐसी    होती है जिन्हें पाने की आपको प्रवल आकांक्षा होगी | कुछ ऐसी ही आकांक्षाओ की    सूची नीचे दी गई है जिन्हें पाने की आकांक्षा हर किसी को होती हैं |               1.      स्वाश्थ्य और जीवन का संरक्षण        2.      अच्छा भोजन        3.      अच्छी नींद        4.      परलोक सुधारना        5.      बच्चो का कल्याण        6.      पैसा और पैसे से खरीदी गई चीजें           7.      सेक्स की संतुष्टि        8. ...

कैसा भ्रम है

Image
कैसा भ्रम है अविरल कम है हर पल क्षण सब कुछ बदला है मेरा मन तो नहीं मानता प्यार का रंग नहीं बदला हैं !! कितने धोखे छल प्रपंच है मक्कारों से भरे मंच है झूठो की झूंठी दुनिया में झूठे ही बन गए पंच है झूठ कहेंगे झूठ सहेंगे झूठ की खातिर झूठ लिखेंगे झूठ – नगर के कोलाहल में झूठो का परचम बदला हैं ! चलो झूठ ही लिख देता हूँ प्यार का रंग नहीं बदला हैं !!

मुस्कराहट का मूल्य

Image
मुस्कराहट का मूल्य A beautiful Smile Change In your Life. आपकी मुस्कराहट   आपकी सदभावना की संदेशवाहक है | आपकी मुस्कराहट उन सभी लोगों की जिंदगियों को रोशन करती है जो इसे देखते हैं | उन सभी व्यक्ति के लिए जिन सभी लोगों ने दर्जनों लोगों को नाक – भौं सिकोड़ते, झुंझलाते हुए देखा हो, आपकी मुस्कराहट बादलों से झांकते हुए सूर्य की तरह होती है | खास तोर पर तब जब कोई अपने बॉस, ग्राहकों,टीचर,माता – पिता या बच्चों के कारण दबाव या तनाव में हो ऐसे समय में आपकी मुस्कराहट उन्हें बता सकती है कि निराशा से समस्याए हल नही होतीं | मुस्कराहट बताती है कि दुनिया अब भी खुशगवार और रंगीन है | इसमें कुछ खर्च नही होता, पर इसमें मिलता बहुत है | जिन्हें यह मिलता है वे सम्रद्ध हो जाते हें, परंतु जो देते हैं वे गरीव नहीं होते | यह एक पल में हो जाता है और इसकी याददाश्त कई बार हमेशा कायम रहती है | कोई भी इतना अमीर नहीँ,की इसके बिना जी सके और कोई इतना गरीब नहीं की इसका लाभ न उठा सके | यह घर में सुख लती है, बिजनेस में सद्भावना भारती है और यह दोस्ती का हस्ताक्षर है | यह थके हुओं के लिए आराम है, निर...

फ़ादर फोरगेट्स (हर पिता यह याद रखे)

Image
सुनो बेटे ! मैं तुमसे कुछ कहना चाहता हूँ | तुम गहरी नींद में सो रहे हो | तुम्हारा नन्हा सा हाथ तुम्हारे नाजुक गाल के नीचे दबा है | और तुम्हारे पसीना-पसीना ललाट पर घुँघराले बल बिखरे हुए हैं | मैं तुम्हारे कमरे में चुपके से दाखिल हुआ हूँ, अकेला | अभी कुछ मिनट पहले जब मैं लायब्रेरी में अख़बार पढ़ रहा था, तो मुझे बहुत पश्चाताप हुआ | इसीलिए तो आधी रात को मैं तुम्हारे पास खड़ा हूँ, किसी अपराधी की तरह | जिन बातों के बारे में मैं सोच रहा था, व ये हैं, बेटे | मैं आज तुम पर बहुत नाराज हुआ | जब तुम स्कूल जाने के लिए तैयार हो रहे थे, तब मैंने तुम्हें ख़ूब डांटा...तुमने टॉवेल के बजाय परदे से हाथ पोंछ लिए थे | तुम्हारे जूते गंदे थे, इस बात पर भी मैंने तुम्हें कोसा | तुमने फर्श पर इधर – उधर चीजें फेंक राखी थीं.. इस पर मैंने तुम्हें भला – बुरा कहा | नाश्ता करते वक्त भी मैं तुम्हारी एक के बाद एक गलतियों निकालता रहा | तुमने डाइनिंग टेबल पर खाना बिखरा दिया था | खाते समय तुम्हारे मुंह से चपड – चपड की आवाज़ आ रही थी | मेज पर तुमने कोहनियाँ भी टिका रखी थीं | तुमने ब्रेड पर बहुत सारा...