प्यार और पैसा
धन – दौलत की चाह बैसे तो हर किसी के भीतर होती है लेकिन कई लोग इसके पीछे पागल रहते है ! मनोवैज्ञानिको ने इसका कारण ढूंढने की एक्सपेरिमेंटल सोशल साइकोलजी में प्रकाशित एक अध्यन में कहा है कि जिन लोगो के जीवन मै प्रेम की कमी होती है , उनमें भोतिक वस्तुयों के प्रति ज्यादा लगाव होता हैं ! लेकिन जिनकी जिन्दगी मै भरपूर प्यार होता है वे धन संपत्ति को ज्यादा महत्व नहीं देते दरअसल प्यार से बंचित लोग अपनी इस कमी की भरपाई रुपयों पैसो से करने की कोशिश करते हैं ! ये चीजें व्यक्ति को हेसियत और तागत देती है ! इसके कारण व्यक्ति समाज का ध्यान अपनी और आकर्षित करने मै कामियाव हो जाता है ! जिससे उसके अतृप्त मन को संतोष मिलता है अगर व्यक्ति को प्यार मिल जाये तो वह धन - दोलत के पीछे भागना छोड़ देगा ! वैसे देखा जाए तो भारतीय जन मानस के भीतर यह बात किसी न किसी रूप मै बैठी रही है | जिसकी अभिव्यक्ति कई स्तरों पर मिलती है सिनेमा को ही देखें हर दूसरी तीसरी फिल्मों की कहानी धन - दोलत बनाम मानवीय रिश्तो के इर्द - गिर्द ही घूमती है जब अमीर नायक को किसी गरीब लड़की से प्यार हो जाता है तो वह उसके लिए ऐसो - आराम की जिन्दगी ...
